+

धागों के टुकड़ों की डोर पकड़कर पुलिस कैसे पहुंची क़ातिल के कॉलर तक?

वो 9 सितंबर 1996 का दिन था । अमेरिका के राज्य वर्जीनिया (VIRGINIA) के स्पॉट्ससेलवेनिया (Spotsylvania) शहर के एक मकान में 16 साल की सोफिया सिलवा पढ़ रही थी। वो अपने मकान के बाहर सीढ़ियों पर बैठकर नोट्स बना रही थी। घर के अंदर 21 साल की उसकी बड़ी बहन पैम मौजूद थी।

काफी देर तक जब सोफिया घर के अंदर नहीं आई तो पैम को लगा कि वो कहीं बाहर तो नहीं निकल गई। उसने घर के बाहर आकर देखा तो सीढ़ियों के पास सोफिया की नोटबुक पड़ी हुई थी और साथ में ही एक कोल्डड्रिंक की कैन रखी हुई थी।

पैम ने कई बार सोफिया का नाम पुकारा, घर के आगे पीछे, इधर-उधर ढूंढने की कोशिश की लेकिन सोफिया घर के आसपास मौजूद नहीं थी। सोफिया के दोस्तों को फोन कर के उसके बारे में पूछा लेकिन सबने बताया कि सोफिया उनके पास नहीं आई है।

काफी खोजबीन करने के बाद जब सोफिया का पता नहीं चला तो पैम ने इसकी खबर अपने माता-पिता को की, खबर से घबराए सोफिया के माता-पिता भी घर पहुंचे और उन्होंने भी पहले उसे आसपास ढूंढने की कोशिश की लेकिन सोफिया नहीं मिली।

अब उनको लगा कि इसकी इत्तिला पुलिस को दे देनी चाहिए लिहाजा सोफिया की गुमशुदगी की खबर पुलिस को दी गई। पुलिस ने पैम से भी पूछताछ की, पुलिस पैम से जानना चाहती थी कि क्या सोफिया के गायब होने से पहले उसने किसी भी तरह की कोई आवाज सुनी थी ?

पैम ने पुलिस को बताया कि उसने ऐसी कोई भी आवाज नहीं सुनी जो शक पैदा करती हो। सोफिया के चेहरे-मोहरे के अलावा आखिरी वक्त उसने क्या पहन रखा था इसकी जानकारी भी पुलिस ने ली।

घरवालों ने पुलिस को बताया कि आखिरी वक्त में सोफिया ने अपने हाथ और पैरों के नाखूनों पर पर्पल रंग की नेल पॉलिश लगा रखी थी। सोफिया की गुमशुदगी की सूचना राज्य के तमाम शहरों में भेजी गई । सोफिया की तस्वीर और उसकी कद काठी फ्लैश किए जाने के बाद पुलिस के पास अलग-अलग जगह से सोफिया जैसी दिखने वाली लड़कियों के होने की खबर आई लेकिन जब पुलिस ने उस सूचना की तस्दीक करी तो पता चला कि वो कोई और लड़की है ।

सोफिया से जुड़ी एक ऐसी ही सूचना पुलिस को उसकी गुमशुदगी के करीब एक महीने बाद मिली । इसमें बताया गया था कि एक लड़की जिसकी लंबाई करीब पांच फुट पांच इंच है । उसके हाथ और पैरों के नाखूनों पर पर्पल रंग की नेल पॉलिश लगी है उसकी लाश एक तालाब से मिली है। इस सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंचती है । लाश सोफिया की थी और परिवार लाश देखकर उसकी पहचान कर लेता है ।

सोफिया का बड़ी बेरहमी से कत्ल हो गया था । पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में ये बात भी सामने आई कि कत्ल से पहले उसका रेप भी किया गया था। सोफिया की लाश एक कंबल में लिपटी हुई मिली थी । लाश पर से पुलिस को कुछ बाल और नीले रंग के धागे के टुकड़े भी मिले थे। सोफिया के पड़ोस में ही 44 साल का शख्स कॉर्ल माइकल रहा करता था। उसके खिलाफ अपराधिक मामले भी दर्ज थे और कॉर्ल की कार का कारपेट भी नीले रंग का था।

कॉर्ल सोफिया के घर से कुछ ही दूरी पर रहता था और उसे कई बार सोफिया से बात करते हुए भी देखा गया था। अमेरिका ने तमाम फॉरेंसिक सबूत जांच के लिए भेज दिए और उनकी रिपोर्ट आने से पहले ही पुलिस ने कॉर्ल को सोफिया के कत्ल के इल्जाम में गिरफ्तार कर लिया।

इतनी जल्दी सोफिया के कातिल को पकड़कर पुलिस अपनी पीठ ठोक रही थी। पुलिस कॉर्ल के खिलाफ सबूत इकट्ठा करने में जुट गई ताकि कोर्ट में उन्हें रखकर कॉर्ल को सजा दिलाई जा सके।

हालांकि सोफिया की गुमशुदगी को करीब सात महीने का ही वक्त बीता होगा एक और वारदात हुई। 1 मई 1997 को स्पॉट्ससेलवेनिया (Spotsylvania) को दो बहने क्रिस्टीन और कैटी जिनकी उम्र 15 और 12 साल थी अपने घर के बाहर के लॉन (lawn) में पढ़ रही थीं कि वो अचानक गायब हो गईं।

उनके पिता ने जब दोनों बहनों को ढूंढने की कोशिश की तो उन्हें लॉन में उनकी किताबें पड़ी मिलीं । दो बच्चियों की गुमशुदगी से एक बार फिर पूरा इलाका हिल गया था। सोफिया की गुमशुदगी और कत्ल की वारदात लोगों के जहन में ताजा थी और फिर दोबारा हुई इस वारदात ने लोगों के दिलोदिमाग को खौफ से भर दिया। हालांकि इस वक्त तक सोफिया का पड़ोसी कॉर्ल जेल में ही था जिसे पुलिस सोफिया का कातिल मान रही थी।

पुलिस ने क्रिस्टीन और कैटी को ढूंढने की कोशिश की लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। पांच दिन बाद दोनो की लाशें उनके घर से करीब 65 किलोमीटर दूर एक तालाब से मिलीं। खास बात ये थी कि दोनों ही लाशों पर से भी पुलिस को उसी तरीके के नीले धागे के टुकड़े मिले जैसे कि उन्हें सोफिया की लाश से बरामद हुए थे। अब पुलिस को समझ आ गया था कि ये काम किसी सीरियल किलर का है लिहाजा पुलिस ने कोर्ट से कॉर्ल को छोड़ देने के लिए कहा।

इसके बाद पुलिस उस सीरियल किलर की तलाश में जुट गई जिसने रेप और कत्ल की इन दो वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने अपनी सारी ताकत इस कातिल को पकड़ने में झोंक दी । पुलिस को लगता था कि इससे पहले ये सीरियल किलर किसी और वारदात को अंजाम दे उससे पहले ही उसको पकड़ा जाए।

पुलिस को इस केस में करीबन 11 हज़ार लीड मिली जिन पर पुलिस ने काम किया लेकिन सब बेकार ही गया। मौके से मिले बाल के डीएनए का मिलान करीबन चार लाख ऐसे अपराधियों से कराया गया जो इस तरीके की वारदात में शामिल रहे थे । हालांकि इतनी मेहनत के बाद भी पुलिस को कामयाबी नहीं मिली। टीवी पर भी इस केस को लेकर मदद मांगी गई और साथ ही इस मामले में सुराग देने वाले को डेढ़ लाख डॉलर का इनाम भी घोषित किया गया ।

सोफिया, क्रिस्टीन और कैटी की मौत को छह साल का वक्त बीत चुका था लेकिन पुलिस के हाथ खाली थे। 23 जून 2002 को अमेरिकी शहर कोलंबिया की सड़क पर एक लड़की बदहवास भाग रही थी उसके हाथ में नीले रंग की हथकड़ी थी जिसका इस्तेमाल अक्सर सैक्स टॉय ( sex toy) की तरह से किया जाता है। करीबन 15 साल की उस लड़की को देखकर एक शख्स ने अपनी कार रोक ली। लड़की ने मदद करने वाले शख्स को तुरंत उसे पुलिस स्टेशन ले जाने के लिए कहा।

वो कार सवार लड़की को लेकर पुलिस स्टेशन पहुंचा । लड़की ने पुलिस को बताया कि उसे एक दिन पहले ही अगवा किया गया था। उसके मुताबिक वो कोलंबिया के अपने घर के बाहर लॉन में पौधों को पानी लगा रही थी तभी एक आदमी उसके पास आया जिसे देखकर उसे लग रहा था कि वो कोई मैगजीन बेचने वाला है।

लड़की के पास पहुंचते ही उस आदमी ने पिस्टल निकाल ली और उसको अपनी कार के पिछले हिस्से में लदी एक प्लास्टिक की टंकी में कैद कर दिया। वो आदमी लड़की को लेकर एक अपार्टमेंट के फ्लैट में पहुंचा और फिर नीले रंग की एक हथकड़ी से उसके हाथ बांधने के बाद उसने उसका रेप किया।

करीबन 18 घंटे में कई बार उसके साथ ज्यादती करने के बाद वो आदमी सो गया और लड़की को वहां से भागने का मौका मिल गया। अब पुलिस ने उस आदमी को पकड़ने के लिए उसके फ्लैट पर छापेमारी की तो पता चला कि लड़की को अगवा करने वाले शख्स का नाम रिचर्ड है और उसकी उम्र 38 साल है। रिचर्ड नौसेना में काम किया करता था और यहां पर वो अपनी पत्नी के साथ रहता था ।

पुलिस रिचर्ड की तलाश शुरु करती है और आखिरकार फ्लोरिडा (florida) में जाकर उसे घेर लेती है। खुद को घिरता देख रिचर्ड खुद को गोली मार लेता है जिसकी वजह से उसकी मौत हो जाती है। पुलिस रिचर्ड के फ्लैट की तलाशी लेती है । तलाशी में पुलिस को साल 1997 का एक अखबार मिला जिसमें दो बहनें क्रिस्टीन और कैटी की गुमशुदगी और उनकी लाशों के मिलने की खबर छपी हुई थी।

पुलिस नीले रंग की हथकड़ी पर लगे धागों का मिलान उन धागों से कराती है जो सोफिया, क्रिस्टीन और कैटी की लाश के पास से मिले थे । हथकड़ी और लाशों के पास मिले धागों का मिलान हो जाता है । इसके बाद पुलिस सोफिया के जिस्म से मिले बालों के डीएनए का मिलान रिचर्ड के डीएनए से करती है और वो भी मिल जाता है ।

पुलिस को अब यकीन हो गया था कि उन तीन हत्याओं के पीछे रिचर्ड का ही हाथ था। पुलिस और सबूत इकट्ठा करने के लिए उस टंकी की जांच भी कराती है जिसके अंदर रिचर्ड किडनैपिंग के बाद अपने शिकार को बंद कर दिया करता था। हैरान तौर पर पुलिस को यहां पर क्रिस्टीन के एक हाथ का प्रिंट टंकी के अंदरुनी हिस्से में मिलता है जबकि वारदात को पांच साल का वक्त बीत चुका था।

इस मामले में रिचर्ड की मौत होने की वजह से पुलिस की ओर से क्लोजर रिपोर्ट दायर कर दी गई। रिचर्ड का इतिहास खंगालने पर पुलिस को पता लगा कि उसका बचपन ठीक नहीं रहा, उसके पिता शराब के आदी थे। बचपन से ही रिचर्ड झगड़ालू स्वभाव का था और पहले भी लड़कियों के साथ छेड़छाड़ के आरोप उस पर लगे थे।

तीन क़त्ल, रेप और किडनैपिंग की ये वारदात महज धागे के उन टुकड़ों से खुली जो मरने वाली लड़कियों के जिस्म से बरामद हुए थे। भले ही केस का टर्निंग प्वाइंट कोलंबिया से अगवा हुई लड़की का छूटकर आना था लेकिन सबूत के तौर पर धागे को वो टुकड़ों ने ही कातिल के खिलाफ सबसे बड़ी गवाही दी।

शेयर करें
Whatsapp share
facebook twitter