+

Delhi Murder : कंझावला केस में अब दिल्ली पुलिस ने भी माना, 'अंजलि का हुआ मर्डर', इस आरोपी को मिली बेल

Delhi Kanjhawala Case : दिल्ली के कंझावला केस में अब पुलिस ने भी मान लिया कि अंजलि का मर्डर हुआ है. अंजलि केस में अब 2 बड़े अपडेट आए हैं. पहला ये कि अंजलि मौत केस में अब मर्डर (Anjali Murder Case) का मुकदमा चलेगा. यानी जिसे अभी तक गैर इरादतन हत्या का मामला माना जा रहा था उसे अब हत्या का केस माना जाएगा. कोर्ट में अब मर्डर केस में ही मुकदमा चलेगा.

अंजलि केस में दूसरी बड़ी खबर है एक आरोपी आशुतोष भारद्वाज को कोर्ट से जमानत मिल गई है. 17 जनवरी को आशुतोष भारद्वाज को कोर्ट ने जमानत दे दी है. असल में अंजलि को जब कार से 12 किमी तक सड़क पर घसीटा गया तब आशुतोष कार में नहीं था. लेकिन उसके बाद उसे घटना की जानकारी मिल गई थी. इस आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया था लेकिन उसे कोर्ट में पहली जमानत मिली है.

इस केस में एक दिन पहले कोर्ट में सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कहा था कि हम गैर इरादतन हत्या की धारा की जगह हत्या की धारा जोड़ने की प्रक्रिया में है. इसके अगले दिन ही दिल्ली पुलिस ने अंजलि केस में हत्या का केस मान लिया. यानी अब पुलिस ने माना है कि अजलि की हत्या हुई है.

कंझावला केस में क्यों जोड़ी गई 302 यानी मर्डर की धारा

हत्या की धारा जोड़ने का ये है आधार

दिल्ली पुलिस ने आरोपियों की 31 दिसंबर से लेकर 1 जनवरी तक की रूट की CCTV मैपिंग की थी. इस दौरान पुलिस को हैरान करने वाली जानकारी मिली.

वारदात के बाद आरोपी 2 जगह कार से नीचे झांकते हुए दिखाए दिए हैं. यानी ये साबित होता है कि आरोपियों को उस समय पता चल गया था कि कार में लड़की फंसी है. फिर भी उनका इरादा उसकी जान बचाने का नहीं था. यानी उनका इरादा मर्डर का था.

इस सीसीटीवी फुटेज को दिल्ली पुलिस ने कब्जे में लिया और फोरेंसिक एक्सपर्ट को जांच के लिए दिया है. जिसे कोर्ट में पेश किया गया है.

आरोपियों ने कबूल किया है कि उन्हें पता चल गया था की कार के नीचे ह्यूमन बॉडी है. इसके बाद भी इसके वो गाड़ी चलाते रहे. ये हत्या की धारा जोड़ने की एक और मुख्य वजह है.

इस घटना की एकमात्र गवाह निधि ने पहली बार जब आजतक से बात की थी तभी ये खुलासा हुआ था कि आरोपियों को ये पता था कि उनकी कार के नीचे लड़की फंसी है. इसलिए वो कार को कई बार आगे पीछे करते हैं और फिर वहां से निकल जाते हैं.

कोर्ट में 302 यानी मर्डर धारा पर कहां फंस सकता है पेच

302 यानी हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस को हत्या का मकसद भी बताना होगा.  ये बताना होगा कि आखिर किस वजह से आरोपियों ने हत्याकांड को अंजाम दिया.

दिल्ली पुलिस शुरू से कहा रही है कि दो गाड़ियों की टक्कर हुई. जिसके बाद अंजलि कार में फंसी और घसीटा गया जिससे उसकी मौत हुई. इस बयान का वीडियो भी है. जो बचाव पक्ष के लिए मजबूत साबित हो सकता है.

इस मामले में घटना की चश्मदीद भी है जिसने बताया की स्कूटी और कार की टक्कर हुई थी. यानी शुरुआत में इस घटना का मकसद मर्डर नहीं था. बल्कि पहले ये सड़क हादसा था.

शेयर करें
Whatsapp share
facebook twitter