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What is Porn?: पॉर्न क्या है?, क्या भारत में पोर्न देखना गैर कानूनी है?

Porn in India: हमारे समाज में पोर्न को लेकर खुले में ज्यादा बातचीत तो नहीं होती है. पर पोर्न शब्द लोग शायद खुले में सुनना पसंद ना भी करे, पर इसे देखने में हमारी जनता परहेज नहीं करेगी. भारत में पोर्न को लेकर लोगों की अलग-अलग राय है, पर हमारे संविधान में इसे लेकर क्या कहता है, इस पर क्या कानून है और पोर्न होता क्या है?, हम इन सभी मुद्दों पर बात करेंगे.

पोर्न क्या होता है? (What is Porn?)

  • पॉर्न क्या है?

पॉर्नोग्राफी को अगर छोटा करे तो उसे पॉर्न कहते हैं. यानी पोर्नोग्राफी का शॉर्ट फॉर्म. कोई एक ऐसे वीडियो, मैग्जीन, बुक्स या अन्य सामग्री जिनमें सेक्शुअल और इंटर कोर्स से जुड़े कंटेंट होते हैं. पोर्न वीडियो को भारत में कई लोग ‘ब्लू फिल्म’ या फिर ‘गंदी पिचर’ भी कहते हैं.

Pornography in India: भारत में पोर्नोग्राफी (pornographic content) और अश्लील कंटेंट को लेकर बहुत सख्त कानून हैं. कुंद्रा के केस के बाद लोगों के मन में यह सवाल उठने लगा है कि क्या भारत में अश्लील फिल्में देखना गैरकानूनी है?

पोर्न कंटेट को आप किसी मल्टीप्लेक्स में नहीं देख सकते, क्यों की भारत में पॉर्नोग्राफी को लेकर बहुत सख्त कानून है. इसके पीछे कारण ये है कि पॉर्न में सेक्स बिना कीसी सेंसर के दिखाया जाता है. पहले लोग सीडी या पेन ड्राइव के जरिए पॉर्न देखते थे पर अब जमाना हाईटेक है और इंटरेनेट की मदद से लोग अब पॉर्न कंटेंट को बड़े आसानी से मोबाइल पर देख लेते हैं.

Is it Illegal to Watch Porn in India?

भारत में पोर्नोग्राफी को लेकर क्या नियम-कानून हैं?

Is it Illegal to Watch Porn in India?

पोर्नोग्राफी से जुड़े अपराध करने वालों के खिलाफ आईटी एक्ट (IT Act) के तहत कार्रवाई की जाती है. कुछ वेबसाइटों को छोड़कर, भारत में पोर्नोग्राफी पूरी तरह से प्रतिबंधित (Porn Ban In India) है, लेकिन सरकार के सभी प्रयासों के बावजूद, सभी वेबसाइटें इस सामग्री को दिखाती हैं. यह भारत में कानूनी भी नहीं है. लेकिन अगर आप इस तरह के कंटेंट को पर्सनल डिवाइस पर देख रहे हैं तो कोई अपराध नहीं है.

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा पोर्न देखने वाला देश

भारत में पोर्न बनाने, बेचने, शेयर करने, प्रदर्शित करने आदि पर प्रतिबंध है. इसके बावजूद भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा पोर्न देखने वाला देश है. साल 2018 में आई एक खबर के मुताबिक, 2017 से 2018 के बीच भारत में पोर्न देखने की दर में 75 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी. छोटे शहरों के लोग इसे बड़ी संख्या में देख रहे हैं.

मस्तराम जैसी मैगजीन्स का क्या?

देश में विभिन्न प्रकार की अश्लील सामग्री वाली पत्रिकाएं बिकती हैं. इसके लिए कानून कहता है कि यदि जन जागरूकता बढ़ाने के लिए कोई लेख प्रकाशित किया गया है तो ऐसा लेख अवैध नहीं है. इसके अलावा सभी लेख पोर्नोग्राफी के अंतर्गत ही आते हैं. मोटे शब्दों में समझा जाए तो इस तरह की फिल्में देखना देश में गैरकानूनी नहीं है. लेकिन इस तरह के कंटेंट को पब्लिश करना, शेयर करना अपराध के दायरे में आता है.

कंप्यूटर पर अश्लील वीडियो सेव करना अपराध है?

भारत में कई पोर्नोग्राफी वेबसाइटों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. 2018 में भारत सरकार ने करीब 850 पॉर्न वेबसाइटों पर बैन लगा दिया था. ऐसा पहले भी किया गया है. लेकिन इसका कोई खास प्रभाव कभी पड़ा नहीं. लेकिन जो वेबसाइट दूसरे देशों में रजिस्टर्ड हैं वो भारतीय कानून के दायरे से बाहर हैं. लेकिन आप ऐसे कंटेंट को सेव नहीं कर सकते, यह भी क्राइम की कैटेगरी में आता है.

कितनी हो सकती है सजा

पोर्नोग्राफी के तहत आने वाले मामलों में आईटी एक्ट 2008 की धारा 67 (ए) और आईपीसी की धारा 292, 293, 294, 500, 506 और 509 के तहत सजा का प्रावधान है. अपराध की गंभीरता के आधार पर पहली गलती पर 5 साल तक की कैद या 10 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है. लेकिन इस तरह के अपराध में दूसरी बार पकड़े जाने पर जेल की सजा बढ़कर सात साल तक हो सकती है.

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