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चुनाव आयोग क्या है? What is Election Commission and Election Process?

चुनाव आयोग क्या है? What is Election Commission and Election Process?

हमारा देश लोकतांत्रिक देश है। यहां हर पांच साल बाद आम चुनाव होते है। चुनाव कराने का काम चुनाव आयोग का होता है। चुनाव आयोग को अंग्रेजी में Election Commission कहते है। चुनाव आयोग का काम है मतदाता सूची तैयार करना। चुनाव की बारीकी से निगरानी करना। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, लोकसभा, राज्यसभा, राज्य विधानसभा और राज्यों की विधान परिषद के चुनाव कराना। संविधान के अनुच्छेद 324 के अनुसार - चुनाव आयोग में एक “मुख्य निर्वाचन आयुक्त” की नियुक्ति की बात कही गई है।

चुनाव आयोग के क्या कार्य है? What is the function of Election Commission?

1. चुनाव कराना: चुनाव आयोग का मुख्य कार्य लोक सभा एवं राज्य सभा, संसद, राष्ट्रपति तथा उपराष्ट्रपति के चुनाव कराना होता है। इसके लिए जो भी जरूरी प्रक्रियाएं होती है, उसका चुनाव आयोग पालन करता है।

2. वोटिंग मशीनों और परिसरों की व्यवस्था करना: इसके अलावा चुनाव आयोग वोटिंग मशीनों की व्यवस्था करता है, जहां चुनाव केंद्र बनेगा, उन परिसरों की व्यवस्था करता है, चुनाव अधिकारियों की नियुक्ति जैसे तमाम काम करता है।

3. मतदाता सूची तैयार करना: चुनाव आयोग मतदाता सूचियों को भी तैयार करता है और मतदाता पहचान पत्र (EPIC) जारी करता है।

4. आचार संहिता तैयार करना, चुनाव चिह्न आवंटन और खर्चें का हिसाब-किताब रखना: चुनाव के लिए नामांकित राजनीतिक दलों के लिए आचार संहिता तैयार करवाता है। सभी राजनितिक दलों का पंजीकरण करना और उन्हें मान्यता प्रदान करने का काम भी चुनाव आयोग ही देखता है। चुनाव आयोग राजनीतिक दलों को चुनाव चिह्न भी आवंटित करता है। चुनावआयोग सभी राजनीतिक दलों के चुनावी उम्मीदवारों के खर्चें भी निर्धारित करता है।

मुख्य चुनाव आयोग की नियुक्ति कौन करता है? Who appoints the Chief Election Commission?

राष्‍ट्रपति के द्वारा मुख्य निर्वाचन आयुक्त एवं निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति होती है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त का कार्यकाल 6 साल या 65 साल (जो भी पहले हो) तक होता है।अन्य चुनाव आयुक्त का कार्यकाल 6 वर्ष या 62 वर्ष होता हैं।

चुनाव आयोग में कैसे करे शिकायत? (How to Complain in Election Commission)

अगर कोई उम्मीदवार आचार संहिता का उल्लंघन कर रहा है तो इसकी शिकायत संबंधित चुनाव आयोग कार्यालय या मुख्य चुनाव आयुक्त के दफ्तर में की जा सकती है। पहले के समय में केवल पत्र के माध्यम से या फिर पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज की जाती थी, हालांकि आज भी ये प्रचलन है, लेकिन अब सी-विजिल (C-VIGIL) एप के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जाती है। टोलफ्री नंबर 1950 के माध्यम से भी आप सीधे चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज करा सकते है।

क्यों आवश्यकता है चुनाव आयोग की ? Why is the Election Commission needed?

चुनाव आयोग स्वतंत्र संस्था है। अगर चुनाव आयोग नहीं होगा तो चुनाव सही हो रहे है या नहीं, इसका कैसे पता चलेगा ? हरेक पार्टी अपने हितों के मुताबिक काम करती है। ऐसे में चुनाव में पारदर्शिता हो, इसके लिए चुनाव आयोग का होना बेहद जरूरी है। चुनाव आयोग राजनीतिक दलों को भी अनुशासित करता है। मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का काम भी चुनाव आयोग करता है।

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