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'Digital Rape': जानिए क्या है डिजिटल रेप, जिसके मामले में 80 साल का बुजुर्ग गिरफ्तार

Digital Rape in Noida: नोएडा पुलिस ने 81 साल के एक चित्रकार को 17 साल की लड़की के साथ 'डिजिटल रेप' के आरोप में गिरफ्तार किया है. चित्रकार मौरिस राइडर मूल रूप से प्रयागराज का रहने वाला है और कई सालों से नोएडा में रह रहा है. मौरिस पर पीड़िता के साथ अश्लील हरकत करने का भी आरोप लगा है. मौरिस पहले हिंदू था और बाद में उसने ईसाई धर्म स्वीकार कर लिया.

लड़की के साथ रहने वाली महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि 17 साल की बच्ची के साथ 81 साल का व्यक्ति डिजिटल तरीके से छेड़छाड़ और रेप की वारदात को अंजाम दे रहा है. पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि आरोपी खुद को लड़की का संरक्षक बताता था और अक्सर बच्ची को अश्लील वीडियो दिखाकर उसके साथ रेप और छेड़छाड़ की वारदात को अंजाम दे रहा था.

7 साल पहले ले आया था अपने घर:

पीड़िता ने पुलिस को अपनी शिकायत में बताया कि जब वह 10 साल की थी, तब मौरिस उसे अपने घर ले आया था. मौरिस ने उसके पिता से कहा था कि वह इसे पढ़ाएगा. लेकिन यहां लाकर वह यौन शोषण करने लगा. इसका विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी की जाती थी. पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि आरोपी अश्लील वीडियो दिखाकर उसके प्राइवेट पार्ट को भी छूता था.

22 साल पहले आया था नोएडा:

दरअसल, मौरिस पहले हिंदू था और बाद में उसने ईसाई धर्म स्वीकार किया. करियर को और बेहतर बनाने के लिए मौरिस करीब 22 साल पहले अपनी पत्नी के साथ प्रयागराज से नोएडा शिफ्ट हुआ था. पुलिस का कहना है कि नोएडा आने के बाद मौरिस की मुलाकात 2000 में दिल्ली की रहने वाली एक महिला से फोटो प्रदर्शनी के दौरान हुई थी. इसके बाद महिला मौरिस के साथ रहने लगी.

छोड़कर चली गई थी पत्नी:

घर में दूसरी महिला के आने के बाद मौरिस की पत्नी नाराज होकर परिवार के साथ प्रयागराज वापस लौट गई. मौरिस के साथ जो महिला रहने आई, वह देहरादून की थी. जिस नाबालिग के साथ डिजिटल रेप की बात सामने आई है, वह मौरिस के शिमला स्थित वर्कशॉप में काम करने वाले एक व्यक्ति की बेटी है.

क्या है डिजिटल रेप : What is Digital Rape?

पुलिस ने बताया कि डिजिटल रेप का मतलब यह नहीं कि किसी लड़की या लड़के का शोषण इंटरनेट के माध्यम से किया जाए. यह शब्द दो शब्द डिजिट और रेप से बना है. अंग्रेजी के डिजिट का मतलब जहां अंक होता है, वहीं अंग्रेजी शब्दकोश के मुताबिक उंगली, अंगूठा, पैर की उंगली, इन शरीर के अंगों को भी डिजिट से संबोधित किया जाता है.

यौन उत्पीड़न जो डिजिट से किया गया हो, तब उसे 'डिजिटल रेप' कहा जाता है. दरअसल, डिजिटल रेप से जुड़ी घटनाओं में महिला के प्राइवेट पार्ट में फिंगर्स का इस्तेमाल किया जाता है.

निर्भया कांड के बाद मिला कानूनी दर्जा

बता दें कि भारत में साल 2012 में हुए निर्भया कांड के बाद रेप के कानूनों में बदलाव किए गए. इन बदलावों में डिजिटल रेप को भी शामिल किया गया. रेप के अपराधों को कम करने के लिए IPC की धारा 376 में डिजिटल रेप को भी जोड़ा गया. लेकिन अभी भी देश में डिजिटल रेप शब्द का इस्तेमाल और सजा काफी कम है.

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