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क्या होता है Cheque Bounce ? What is Cheque Bounce?

क्या होता है Cheque Bounce ? What is Cheque Bounce?

अगर आपको किसी ने चेक दिया है और आप उसे कैश कराने के लिए अपने बैंक में जमा कराते हैं ताकि amount आपके एकाउंट में क्रेडिट हो जाए और ऐसा नहीं होता तो इसका मतलब है कि जिस शख्स ने आपको चैक दिया है उसके एकाउंट में पर्याप्त रुपए मौजूद नहीं है। इस स्थिति में चैक बाउंस हो जाता है। इस प्रक्रिया के तहत बैंक एक स्लिप देता है, जिसमें चेक बाउंस की वजह लिखी होती है।

किन परिस्थितियों में होता है चेक बाउंस ? Under what circumstances does a cheque bounce?

तीन परिस्थितियों में चेक बाउंस हो सकता है। पहली परिस्थिति है - अगर चेक जारी करने वाले के बैंक अकाउंट में पैसा नहीं हो। दूसरा, अगर चेक जारी करने वाले के बैंक अकाउंट में चेक में लिखी गई रकम से कम पैसा हो और तीसरा चेक जारी करने वाले ने सिग्नेचर सही नहीं हो।

क्या लीगल नोटिस भेजना जरूरी है ? Is it necessary to send a legal notice?

अगर चेक बाउंस हो जाता है तो सबसे पहले एक महीने के अंदर चेक जारी करने वाले को लीगल नोटिस भेजना होता है। उसके पास 15 दिन का वक्त होता है। वो इस दौरान राशि का भुगतान कर सकता है। अगर वो ऐसा करता है तो मामला सुलझ जाता है। अगर नहीं तो उसके लिए शिकायत दी जा सकती है।

वित्त मंत्रालय उठाने जा रहा है ये कदम ? Finance Ministry is going to take this step?

वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) चेक बाउंस (Cheque Bounce) की समस्या से निपटने के लिए कुछ सख्त कदम उठाने जा रहा है। अगर किसी व्यक्ति का चेक बाउंस हो जाता है, तो उसके दूसरे बैंक अकाउंट से पैसे काट लिए जाएंगे। साथ ही उस पर नए खाते खोलने पर रोक लगाने जैसे नियमों पर वित्त मंत्रालय विचार कर रहा है।

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