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700 मीटर तक मार करने वाला RPG ऐसे करता है काम, इस खूबी से बन जाता है घातक हथियार

700 मीटर तक की दूरी तक मार करने में सक्षम होता है RPG

Latest Crime News: पंजाब में इंटेलिजेंस ब्यूरो के हेडक्वार्टर पर जिस रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड यानी RPG के हमले ने पूरे देश के ख़ुफ़िया हल्कों में भूचाल ला दिया है, आख़िर वो RPG क्या बला है? आख़िर क्यों उस RPG की वजह से ये कहा जा रहा है कि ये हमला मामूली नहीं, बल्कि किसी बड़ी साज़िश की तरफ़ इशारा कर रहा है? आख़िर RPG का इस्तेमाल कौन करता है और ये कहां मिलता है? तो इसी RPG से जुड़ी हुई एक-एक बात को समझते हैं।

RPG असल में रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड होता है, जिसे कंधे में रख कर दाग़ा जाता है। RPG रॉकेट चालित ग्रेनेड विस्फोटक से लैस रॉकेज लॉन्च करता है और ये एक रॉकेट मोटर से जुड़ा होता है। RPG को दोबारा लोड किया जाता है और इसे सामने से लोड करके हमले के काम में लिया जाता है। इसकी अधिकतम रेंज 700 मीटर की होती है।

पंजाब इंटेलिजेंस के दफ़्तर से मिले RPG के टुकड़े

1961 में बनाया गया था RPG, और ऐसे करता है काम

अफ़ग़ानिस्तान में रूस के ख़िलाफ़ युद्ध के समय ये हथियार सबसे पहले नज़र आया था जिसकी मार से अच्छी से अच्छी सेना के भी पैर उखड़ते हुए दुनिया ने देखे। RPG यानी रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड एक ऐसा हथियार है जो जो बेहद मज़बूत होता है, आसान होता है, लेकिन इसकी मार बड़ी ही घातक होती है। हालांकि सबसे पहली बार 1961 में RPG को सबसे पहले सेना के प्रयोग में आते हुए देखा गया था जब सोवियत सेना ने इसका प्रयोग किया था। लेकिन बाद में इसे अमेरिका के कई आतंकी संगठनों ने सेना और सुरक्षा बलों से मुकाबले के लिए बेतहाशा इस्तेमाल किया।

सवाल उठता है कि आखिर ये काम कैसे करता है, तो सबसे परहे RPG ऑपरेटर एक प्रोपेलिंग चार्ज को रॉकेट के आखिर में स्क्रू कर देता है। असल में ये एक पाइप के सिरे पर लगा हुआ होता है जिसके चार या उससे ज़्यादा पंख होते हैं। जबकि दो अतिरिक्त पंखों के साथ इसके चारो तरफ मुड़े होते हैं। इसका एक पाइप नुमा कंटेनर होता है जो पाइप को पीछे से जोड़ता है जिसे कार्डबोर्ड कहा जाता है। कार्डबोर्ड कंटेनर के भीतर नाइट्रोग्लिसरीन पाउडर की एक लेयर को स्थिर रखने वाली पाइप के चारो तरफ लपेट दिया जाता है। इसके बाद प्राइमर यानी बारूद के चार्ज को सबसे आखिरी में डाला जाता है। इसके बाद ऑपरेटर आर्टिलरी को अपने कंधे पर उठा लेता है फिर RPG को पाइप के छोर से लोड किया जाता है, फिर ट्रिगर दबाते ही RPG अपने लक्ष्य की ओर रवाना हो जाता है।

मोहाली में खुफ़िया एजेंसियों को साज़िश का अंदेशा

RPG Knowledge News: 9 मई को मोहाली में इसी RPG से ब्यूरो के हेडक्वार्टर पर क़रीब 80 मीटर दूरी से हमला हुआ। ये RPG इतना खतरनाक होता है कि इससे टैंक, बख़्तरबंद गाड़ी या फिर हेलीकॉप्टर तक को आसानी से उड़ाया जा सकता है। RPG वज़न में हल्का होने के साथ साथ इसे आसानी से एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सकता है। वैसे तो RPG हथियार अब ज़्यादातर देशों के पास मौजूद हैं, लेकिन इसका पहली बार इस्तेमाल अफ़गानिस्तान में किया गाया था।

ज़ाहिर है RPG कोई मामूली हथियार नहीं है। इसका इस्तेमाल फ़ौज और अर्धसैनिक बलों के जवानों की तरफ़ से ही किया जाता है।ऐसे में पंजाब में RPG से हमला अपने आप में इस साज़िश की गहराई की तरफ़ इशारा करता है।

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