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क्या अश्लील फोटो खिंचवाना और उसे शेयर करना अपराध है? क्या कहता है कानून ?

अश्लीलता की परिभाषा क्या है ?

What is the definition of pornography?

अश्लील का मतलब है फूहड़पन, भद्दापन। ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी के मुताबिक स्वीकार्य, नैतिकता और शालीनता के मानदंडों के लिहाज से अप्रिय, अपमानजनक या घृणित की श्रेणी में आने वाला सबकुछ अश्लीलता (Obscenity) के दायरे में आता है।

क्या अश्लील फोटो खिंचवाना और उसे शेयर करना अपराध है?

Is it a crime to take and share obscene photos?

इसका जवाब है हां। इस तरह के मामलों में आईपीसी के अलावा आईटी एक्ट की तमाम धाराएं लागू होती है। आईपीसी में और आईटी एक्ट में अश्लीलता करने या फैलाने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर केस चलाने का प्रावधान है। आईपीसी की धारा-292, 293, 294 के अलावा आईटी एक्ट -67 व 67ए के तहत केस दर्ज हो सकता है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

अश्लीलता की रोकधाम को लेकर क्या कानून है ?

What is the law regarding the prohibition of obscenity?

धारा 292 - आईपीसी की धारा-292 के मुताबिक, अगर कोई शख्स किसी तरह की अश्लील सामग्री, किताब आदि बेचता है या बांटता है तो ऐसे मामले में दोषी पाए जाने पर पहली बार मे 5 साल तक कैद हो सकती है। दूसरी बार दोषी पाए जाने पर 5 साल तक कैद।

धारा 293 - अगर कोई शख्स 20 साल से कम उम्र के शख्स को अश्लील सामग्री या किताब देता या बेचता है तो 3 साल तक कैद हो सकती है। दूसरी बार दोषी पाए जाने पर 7 साल तक कैद और दो हजार रुपये तक जुर्माना भी हो सकता है।

धारा 294 - अगर कोई शख्स पब्लिक प्लेस पर अश्लील हरकत करता है या अश्लील गाने गाता है या अश्लील भाषा का इस्तेमाल करता है तो दोषी पाए जाने पर 3 महीने तक कैद की सजा हो सकती है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

आईटी एक्ट में क्या प्रावधान है ?

What is the provision in IT Act?

सोशल मीडिया या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अगर कोई शख्स अश्लील कंटेंट को सर्कुलेट करता है या उसे प्रकाशित या प्रसारित करता है तो आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई होगी।

धारा-67 क्या कहती है ?

अगर कोई शख्स अश्लील मैटेरियल इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से प्रसारित करता है तो वह अपराध है। पहली बार दोषी पाए जाने पर 3 साल कैद और 5 लाख रु. तक जुर्माना लग सकता है। दूसरी बार दोषी पाए जाने पर 5 साल तक कैद और 10 लाख तक जुर्माना देना पड़ सकता है।

आईटी एक्ट -67 ए की परिभाषा ?

कोई भी कंटेट जो सेक्शुअलिटी की हरकत को दर्शाता हो और उसे इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से प्रसारित या प्रकाशित किया जाता है तो ये अपराध की श्रेणी में आ जाएगा। पहली बार में 5 साल कैद और 10 लाख रु. तक जुर्माना और दूसरी बार दोषी करार दिया गया तो 7 साल तक कैद व जुर्माना हो सकता है।

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