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5 साल पहले जिसका 'मर्डर'हुआ, वो जिंदा लौटा, हत्या के आरोप में बीवी को जाना पड़ा जेल, फिल्मी कहानी की तरह है ये रियल क्राइम

Bihar Crime News : बिहार की ये घटना किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. जिस शख्स की हत्या के आरोप में उसकी पत्नी को जेल जाना पड़ता है. विधवा बनकर रहना पड़ता है. वही शख्स मौत के दावे के 5 साल बाद अचानक जिंदा घर लौट आया. उसके जिंदा लौटने के बाद लोग भी हैरत में पड़ गए.

उस शख्स ने जब पूरा वाकया बताया तब माजरा समझ में आया कि इस घटना में आखिर मौत की अफवाह क्यों उड़ी. जितनी मौत की कहानी पूरी फिल्मी है उसी तरह से घर वापसी की कहानी भी. दरअसल, ये शख्स सोशल मीडिया के जरिए फिर से अपने परिजनों के बारे में पता लगाया और घर लौटा. अब जिस थाने में इस शख्स की हत्या के मामले में पत्नी को अरेस्ट किया गया था उस थाने की पुलिस ने बयान लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.

सांकेतिक फोटो

ये है पूरा मामला

ये मामला बिहार के बेतिया जिले का है. दरअसल, बेतिया के साठी थाना क्षेत्र के कटहरी गांव में रहने वाले राम बहादुर राव साल 2015 में अचानक लापता हो गए थे. इसके बाद इनके भाई विकास कुमार ने राम बहादुर राव की हत्या का मामला 2016 में बेतिया कोर्ट के आदेश पर दर्ज कराया था.

उस समय विकास कुमार की तरफ से दर्ज कराई शिकायत में बताया गया था कि उसका भाई गुजरात गया था. वहां एक्सीडेंट की जानकारी मिली थी. कुछ दिनों बाद जब वो अपने भाई के ससुराल पहुंचा तो वो वहां भाभी को विधवा के रूप में देखा. वो विधवा वाले कपड़े पहनी हुईं थीं.

इस बारे में पूछने पर ससुरालवालों ने कुछ भी स्पष्ट नहीं बताया था. जिसके बाद विकास कुमार को शक हुआ कि उसके भाई की हत्या कर दी गई है. इसके बाद उसने थाने में शिकायत दी लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया. आखिर में वो कोर्ट में पहुंचे. फिर कोर्ट के आदेश पर अपहरण कर हत्या करने का मामला दर्ज हुआ. इस केस में राम बहादुर की पत्नी गुड्डी देवी और उसके परिवार के अन्य कुछ लोगों को आरोपी बनाया गया था.

कोर्ट में अभी विचाराधीन है मामला

इस मामले में बेतिया कोर्ट से आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भी भेजा गया था. जिसके बाद आरोपियों ने पटना हाईकोर्ट में याचिका डाली. जिसके बाद उन्हें जमानत मिली. हालांकि, हत्या का ये मामला अभी भी कोर्ट में विचाराधीन है. लेकिन अब जिसे मरा हुआ समझा जा रहा था उसके जिंदा लौट आने के बाद पुलिस का बयान कोर्ट में दाखिल होगा. जिसके बाद आरोपियों को पूरी तरह से बरी कर दिया जाएगा. अब मामले में शिकायत करने वाले पर क्या कार्रवाई होगी, ये पुलिस की रिपोर्ट पर तय होगा.

प्रतीकात्मक फोटो

सड़क हादसे के बाद चली गई थी याद्दाश्त

अब जिंदा लौटे रामबहादुर ने पूरी आपबीती सुनाई. उन्होंने बताया कि साल 2015 में जब वो गुजरात पहुंचे थे तब वह धागा बनाने वाली कंपनी में काम करते थे. एक दिन कंपनी से घर लौट रहे थे तभी एक्सीडेंट हो गया और वह बुरी तरह से घायल हो गए. हादसा इतना बड़ा था कि उन्हें आईसीयू में रखना पड़ा. कई दिन बाद जब होश आया तो याद्दाश्त चली गई थी.

वहीं, परिवार वाले उनकी तलाश करते रहे लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल पाई. इसीलिए घरवालों को ये लगा कि रामबहादुर की मौत हो गई. क्योंकि आखिरी बार एक्सीडेंट की सूचना मिली थी. उसके कई महीनों बाद तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई थी. इसलिए उनकी पत्नी और परिवार के लोग मरा हुआ समझने लगे थे.

बेटे और पत्नी का नाम आया याद, तो फेसबुक से तलाशा

जनवरी 2021 में राम बहादुर राव को कुछ-कुछ याद्दाश्त लौट आई. लेकिन जो शख्स इनके बारे में जानता था उसकी साल 2020 में ही कोरोना की वजह से मौत हो गई थी. इसलिए परिवार के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई. काफी समय बाद सिर्फ पत्नी और बेटे आकाश का नाम याद आया. लेकिन घर और गांव कहां था, ये याद नहीं आया. इसके बाद वो अपने बेटे आकाश को तलाशने लगे. लेकिन कुछ पता नहीं चला. इसके बाद कुछ लोगों ने फेसबुक पर बेटे का नाम तलाशने की जानकारी दी. कई दिनों तक तलाश करने के बाद फेसबुक पर बेटा आकाश मिल गया. फिर उसे मैसेज भेजकर नंबर मांगा. जिसके बाद पत्नी और बेटे से संपर्क हो गया.

पत्नी पिछले काफी समय से जमानत पर बाहर ही थीं. इसलिए पहले तो पति के जिंदा होने पर भरोसा नहीं हुआ. लेकिन फिर बेटे के साथ सच्चाई का पता लगाने के लिए मार्च 2021 में दोनों गुजरात पहुंचे. इसके बाद उन्हें पुराने मामले की याद दिलाने में कई महीने और लग गए. धीरे-धीरे जब राम बहादुर की पुरानी काफी यादें लौट आईं तब वो गांव लौटे और पूरी कहानी गांववालों और पुलिस को सुनाई.

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अब कोर्ट में क्या होगा ?

रामबहादुर राव ने पुलिस के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया है. जिसके बाद पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है. इस मामले में बेतिया के एसपी उपेंद्र नाथ वर्मा ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर साठी थाने में एक व्यक्ति के अपहरण व हत्या का मामला दर्ज किया गया था. उस केस में जिस व्यक्ति को मरा हुआ बताया गया था असल में वो जिंदा है. इसलिए उसका बयान दर्ज किया गया है. अब उसे कोर्ट में पेश करके आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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