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ATM को ‘ठगने’ वाले सुपर नटवरलाल : बैंक खाते से 1 रुपये भी नहीं कटे और ATM से निकाल लिए 23 लाख कैश

ये हैं ATM को ही ठगने वाले सुपर नटवरलाल. एटीएम से जितना कैश निकालते थे उतना ही बैंक से क्लेम कर लेते थे. इस तरह इनके बैंक खाते से 1 रुपये भी नहीं कटते थे और ये लाखों रुपये निकाल भी लेते थे. ये सबकुछ आपको थोड़ा अजीब लग रहा होगा. इसलिए इसे ऐसे समझ लीजिए.

मान लीजिए ठग ने एटीएम से 10 हजार रुपये निकालने के लिए बटन दबाया. अब ATM से कैश निकलने ही वाला था तभी उसने अनोखी टेक्निक से एटीएम को हैंग कर दिया. एटीएम हैंग होते ही कैश ट्रांजैक्शन डिक्लाइन (Cash Transaction Decline) यानी कैंसल का मैसेज आ जाता था.

ट्रांजैक्शन डिक्लाइन का मैजेस आते ही वो ATM से कैश निकाल लेता था. इसके बाद बैंक से 7 दिनों के भीतर ट्रांजैक्शन डिक्लाइन का क्लेम कर देता था. इस तरह इन ठगों के बैंक अकाउंट से एक रुपये भी नहीं कटते थे और हाथ में कैश भी आ जाते थे.

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4 महीने में निकाल लिए 23 लाख

इसी तरीके से महज 4 महीने में इन्होंने एक बैंक के विभिन्न एटीएम से करीब 23 लाख रुपये निकाल लिए. इसके बाद बैंक को कुछ शक हुआ. लिहाजा, मामले की शिकायत नोएडा पुलिस से की गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए नोएडा एसटीएफ यूनिट ने जांच शुरू की. अब एसटीएफ ने मास्टरमाइंड समेत 6 आरोपियो को गिरफ्तार किया है. इनके कब्जे से अलग-अलग बैंकों के दो दर्जन से ज्यादा एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं.

You Tube पर देखा था तरीका, बन बैठा साइबर नटवरवाल

एसटीएफ के एएसपी राज कुमार मिश्रा ने बताया इस नए पैटर्न पर ठगी करने वाले 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. ये आरोपी हैं प्रत्यूष, क़ष्णकांत, अनूप, रिंकू, आशीष और अमित. गैंग का मास्टरमाइंड प्रत्यूष उर्फ पीयूष है. इसने कानपुर से ग्रेजुएशन की है. महज 19 साल की उम्र में ही पैसे कमाने के लालच में वो You Tube पर एटीएम हैक करने के वीडियो देखता रहता था.

उसी दौरान उसने एक ऐसा वीडियो देखा जिससे उसे एटीएम को हैंग करने का तरीका मिल गया. उसे ये पता चल गया कि एटीएम से कैश ट्रांजैक्शन होने के दौरान ही मशीन को कैसे हैंग किया जाए कि पैसे भी मिल जाएं और बैंक सर्वर को ट्रांजैक्शन डिक्लाइन यानी कैंसल होने का मैसेज भी चला जाए. इस ख़बर में ठगी करने के तरीक़े के बारे में खुलकर इसलिए नहीं बताया जा रहा है क्योंकि इसे जानकर कोई भी आसानी से ये क्राइम कर सकता है.

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मुंबई, सागर, दिल्ली, नोएडा समेत कई शहरों में लाखों निकाले

एएसपी राज नारायण मिश्रा ने बताया कि प्रत्यूष इतना शातिर है कि वो पिछले कई महीने से इसी तरीके से ठगी कर रहा है. इसके लिए वो किसी एटीएम कार्ड से नहीं बल्कि अलग-अलग कार्ड से पैसे निकालता है.

ताकी बैंक को बार-बार एक ही एटीएम कार्ड से कैश ट्रांजैक्शन कैंसल होने की जानकारी नहीं मिल पाए. इसलिए वो अपने जान-पहचान के लोगों से एटीएम कार्ड ले लेता था. ये ठग नोएडा के अलावा मुंबई, मध्य प्रदेश के सागर, दिल्ली, कानपुर समेत कई शहरों में घटनाएं कर चुके हैं.

इन एटीएम कार्ड से कम से कम 15 हजार रुपये का ट्रांजैक्शन करता था. कुछ दिनों बाद एटीएम कार्ड होल्डर के अकाउंट में ये पैसे बतौर क्लेम आ जाते थे. और ऊपर से प्रत्यूष 2-3 हजार रुपये खुद से दे देता था.

इस तरह प्रत्यूष को भी 10-12 हजार रुपये मिल जाते थे और कार्ड होल्डर की भी एक्स्ट्रा कमाई हो जाती थी. ये सिलसिला कई महीने से चल रहा था. इसलिए प्रत्यूष ने अब 5 साथियों की टीम बना ली और सभी मिलकर इस तरह से अलग-अलग कई जगहों पर जाकर लाखों रुपये की ठगी करने लगे थे.

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RBL बैंक ने की शिकायत, CCTV फुटेज और सर्विलांस से पकड़े आरोपी

एसटीएफ अधिकारियों ने बताता कि नोएडा में RBL बैंक के अलग-अलग एटीएम से इन शातिर ठगों ने लाखों रुपये निकाल लिए थे. पिछले 4 महीने में 23 लाख रुपये निकाले जाने के बाद बैंक अधिकारी ने शिकायत दर्ज कराई थी.

इसके बाद एसटीएफ ने सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस के जरिए इन आरोपियो का सुराग लगाया. फिर इन्हें 28 जुलाई को नोएडा के सेक्टर-20 थाना एरिया से गिरफ्तार कर लिया. इन आरोपियों ने नोएडा समेत दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों से कई लाख रुपये की ठगी की है.

इससे पहले ये आरोपी मध्य प्रदेश के सागर जिले से गिरफ्तार भी हुए थे. लेकिन उस समय पुलिस को एटीएम हैंग कर फर्जीवाड़ा करने की कहानी नहीं समझ में आई थी. इसलिए इन्हें मामूली जालसाजी के मामले में जेल भेज दिया गया था. लिहाजा, कुछ महीने में ही जेल से छूटकर बाहर आ गए थे. लेकिन अब इनके खिलाफ जालसाजी के साथ साइबर क्राइम की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है.

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