+

Crime news Hindi: कोरोना के नाम पर काला धंधा करने वाले क़ैद में, मुंबई में बेच रहे थे वैक्सीन का फ़र्ज़ी सर्टिफ़िकेट

कोरोना बना कमाई का ज़रिया

LATEST CRIME STORY: क्या कोरोना कमाई का ज़रिया हो सकता है, ये सवाल कुछ हद तक आपको सोच में डाल सकता है। लेकिन मुंबई से जो मामला सामने आ गया है उसके बारे में सुनकर आपके भी होश उड़ जाएंगे। कोरोना के इस काल में लोगों ने कमाई के कैसे कैसे तरीके इजाद कर रखे हैं, इसकी एक मिसाल दिखी मुंबई में जिसके बारे में जानकर आप भी चौंक जाएंगे।

मुंबई में एक ऐसा ही क़िस्सा सामने आया हैं जहां कोरोना वैक्सीन के फ़र्ज़ी सर्टिफिकेट का कारोबार करने वालों को पुलिस ने पकड़ा है। क्योंकि आज की तारीख में कोरोना वैक्सीन का सर्टिफिकेट शायद रुपये पैसों से भी ज़्यादा सबसे ज़रूरी और क़ीमती है।

फ़र्ज़ी सर्टिफ़िकेट का काला कारोबार

CORONA CRIME STORY IN HINDI:लिहाजा पकड़े गए शातिरों ने सर्टिफिकेट का फर्जीवाड़ा करके लोगों को न सिर्फ उल्लू बनाया बल्कि अपनी जेब भरने का भी इंतज़ाम कर लिया। लेकिन इनकी बदक़िस्मती से पुलिस को इनकी इस हरक़त का पता चल गया और वो बुरा मानकर इनके पास पहुँच गई। और अब पुलिस इन्हें सर्टिफिकेट देने वाली है कि ये कितने बड़े नटवरलाल हैं।

कोरोना वैक्सीन के सर्टिफिकेट का सीधा सा मतलब है कि आपको वैक्सीन लगी हुई है। ऐसे में ये सर्टिफिकेट उन लोगों के लिए सबसे क़ीमती है जो वैक्सीन या तो लगवाना नहीं चाहते या फिर लगवा नहीं पा रहे।

मगर उन्हें सर्टिफिकेट की ज़रूरत है, क्योंकि अब कई सरकारी और गैरसरकारी कामों में इस सर्टिफिकेट को अनिवार्य कर दिया गया है। लिहाजा वो लोग मुंह मांगी क़ीमत पर ऐसे कोरोना वैक्सीन सर्टिफिकेट हासिल करने के लिए तैयार बैठे हुए हैं।

पुलिस ने धर लिए दो शातिर

CRIME NEWS OF MUMBAI:ऐसे में इन शातिरों ने ऐसे ही ज़रूरतमंद लोगों के लिए अपनी फर्जीवाड़े की दुकान खोल ली और फर्जी कोरोना वैक्सीन सर्टिफिकेट बेचने का धंधा करने लगे। खुलासा ये है कि मुंबई पुलिस ने दो लोगों को पकड़ा था। जो COWIN पोर्टल पर फ़र्जी डिटेल के साथ कोरोना वैक्सीन के डुप्लीकेट सर्टिफिकेट बेच रहे थे।

असल में क्राइम ब्रांच को पता चला कि मुंबई के धारावी इलाक़े में कोई COVID-19 वैक्सीन सर्टिफिकेट बेचने का धंधा कर रहे हैं। और जो सर्टिफिकेट वो दे रहे हैं वो फर्जी है।

80 लोगों को बेचा वैक्सीन का नकली सर्टिफ़िकेट

CORONA IN MUMBAI: इस खबर का पीछा करते हुए मुंबई पुलिस ने फ्रांसिस नाडार की पहचान करके उसे गिरफ़्तार कर लिया। पुलिस को पता चला है कि ये लोग 15 सौ रुपये के बदले नकली वैक्सीन सर्टिफिकेट बनाकर दे देते थे।

पुलिस की अब तक की तफ़्तीश में पता चला है कि ये गिरोह अब तक 80 लोगों को फर्जी सर्टिफिकेट बेच चुका है। पकड़े गए आरोपी की शिनाख्त पर पुलिस ने एक और शख्स को गोरेगांव इलाक़े से गिरफ़्तार किया है।

अब पुलिस इस रैकेट के पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए जुट गई है। पुलिस को खबर मिली है कि इस रैकेट से जुड़े लोग मुंबई के अलावा दूसरे शहरों में भी अपने शिकारों की तलाश में घूम रहे हैं।

शेयर करें
Whatsapp share
facebook twitter