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वो "दुल्हन 420"माल भी लेती है और जान भी!

जो दुल्हन हाथों में वरमाला लिए दूल्हे का इंतज़ार कर रही थी, अब उन्हीं हाथों में हथकड़ी डालने की तैयारियां होने लगी. पुलिसवालों ने सारे के सारे लड़कीवालों को घेर लिया. ये मामला है पटियाला के देवीगढ़ कस्बे का, जहां एक दुल्हन ने अपने ही पति और घरवालों के साथ मिल कर ऐसा गुल खिलाया कि कुछ देर के लिए तो पुलिसवालों का भी दिमाग़ चकरा गया. लेकिन जब छानबीन हुई, तो पता चला कि ये तो दुल्हन 420 है. यानी एक ऐसी दुल्हन जो भोले-भाले नौजवानों और उनके घरवालों को शादी के झांसे में फंसा कर ना सिर्फ़ उनकी गाढ़ी कमाई पर डाका डाल देती थी, बल्कि अब तो उनकी ज़िंदगी पर भी ख़तरा बन चुकी थी और तीन बच्चों कि मां ये दुल्हन ये सबकुछ करती थी, खुद अपने ही पति की मदद से जिसे दुनिया के सामने उसने अपना भाई बना रखा था.

पटियाला की रहनेवाली इस लड़की और उसके घरवालों ने फ़र्ज़ी शादी को अपनी लूट का हथियार बना रखा था. लड़की और उसके घर के लोग सबसे पहले ऐसे लड़कों की तलाश करते थे, जिनकी शादी की उम्र निकल चुकी होती थी. फिर ये अपनी पहचान बदल कर किसी ज़रिए से उस परिवार से संपर्क करते और उन्हें शादी का प्रस्ताव देते. इस दौरान पूरा का पूरा गैंग जिसमें दुल्हन का पति, दुल्हन की मां और दूसरे बिचौलिये शामिल थे, दुल्हन के अलग-अलग रिश्तेदार के तौर पर खुद को इंट्रोड्यूस करते और शादी की बात आगे बढ़ाते थे. इस दौरान ये गैंग एक तीर से दो शिकार करता था. अव्वल तो ये खुद को शादी में फिज़ूलखर्ज़ी के खिलाफ़ होने की बात कह कर अपना इंप्रेशन जमाते थे और दूसरा इसी इंप्रेशन की बदौलत वो शादी में ना तो ज़्यादा भीड़ जुटाने और रिश्तेदारों को बुलाने से भी मना करते और यहां तक कि फोटोग्राफ़ी तक करवाने से मना कर देते थे. चूंकि इस गैंग के ज़्यादातर शिकार ज़्यादा उम्र के लड़के, तलाकशुदा या विधुर किस्म के लोग होते थे, वो भी ऐसी शादियों को लो प्रोफ़ाइल ही रखने की कोशिश करते थे और इस तरह फर्ज़ी दुल्हन और उसके घरवाले आराम से शादी की औपचारिकता पूरी करवा लेते और किसी को पता भी नहीं चलता था.

इसके बाद शादी के तीन-चार दिन गुज़रते-गुज़रते ही दुल्हन अपनी असलियत पर आ जाती थी. उसे जब जिस ससुराल से जैसे भी मौका मिलता, वो रुपये-पैसे, गहने और दूसरी कीमती चीज़ें लेकर फ़रार हो जाती थी. जहां से चुपके से निकल भागना मुमकिन नहीं होता था, वहां ये दुल्हन किसी ना किसी बहाने से अपने नये-नवेले पति या फिर ससुरालवालों से भिड़ जाती थी और फिर लड़ाई झगड़े का बहाना बना कर अपना बोरिया बिस्तर समेट कर फरार हो जाती थी. चूंकि भागने की उसकी तैयारी पहले से ही होती थी, तो वो ससुराल की सारी कीमती चीज़ें पहले ही बटोर चुकी होती थी और किसी को उसकी साज़िश का आख़िरी वक़्त तक पता ही नहीं चलता था.

लेकिन स्टोरी में असली ट्विस्ट तो तब आता था, जब दूल्हा पक्ष के लोग अपनी बहू को मनाने या फिर उसे मायके से वापस लाने के लिए जाते थे. अक्सर होता ये था कि बताए गए पते पर दुल्हन और घरवाले तो छोड़िए, कोई उन्हें पहचाननेवाला भी नही मिलता था और ठगी का शिकार होनेवाले दूल्हे और उनके घरवाले अपना सिर धुनने लगते. उन्हें समझ में नहीं आता कि जिस दुल्हान के साथ उन्होंने इतनी सादगी और नेकदिली से शादी की थी, वो लोग इतने बड़े धोखेबाज़ भी हो सकते हैं.

इस दुल्हन 420 की कहानी शायद कभी बाहर नहीं आती, अगर इसी दुल्हन का शिकार बना एक लड़का उसकी करतूतों पर नज़र ना रख रहा होता. हुआ दरअसल यूं कि इस दुल्हन और उसके घरवालों ने इस तरह अब तक 8 लड़कों को अपनी ठगी का शिकार बनाया था. यानी इन्होंने 8 लड़कों से फ़र्ज़ी शादी की और फिर मौका मिलते ही उन्हें लूट कर फरार हो गई. लेकिन इस बार जब ये अपने नौवें शिकार को फांसने की कोशिश कर रही थी, तो भांडा फूट गया. हुआ यूं कि इस बार शादी पटियाला के जुल्का इलाक़े में हो रही थी. यहां देवीगढ़ गुरुद्वारे में शादी की पूरी तैयारी हो चुकी थी. बस फेरे होने ही वाले थे, तभी दुल्हन का पहले ही शिकार बन चुके एक लड़के ने पुलिस को फ़ोन कर दिया और दुल्हन और उसके गैंग के बारे में पूरी जानकारी दे दी. और इसी के साथ पुलिस मौके पर पहुंची और उसने ना सिर्फ़ शादी रुकवा दी, बल्कि दुल्हन समेत उसके गैंग के चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया.

अब तक तो इस जालसाज़ दुल्हन का शिकार बने लोग अपने रुपये-पैसों को ही रो रहे थे, लेकिन उन्हें तब एक ज़ोर का झटका लगा, जब उन्हें पता चला कि उन्हें अपनी ठगी का शिकार बनानेवाली लड़की तो असल में एचआईवी पॉज़िटिव है. जी हां, एचआईवी पॉज़िटिव (HIV +), जिससे आनेवाले वक़्त में एड्स जैसी घातक बीमारी भी हो सकती है. असल में पुलिस ने जब गिरफ्तारी के बाद जालसाज़ दुल्हन की मेडिकल जांच करवाई, तो उसकी ब्ल़ड रिपोर्ट देख कर सकते में आ गई. वो एचआईवी(HIV) की शिकार थी. इसके बाद पुलिस ने उस दुल्हन की ठगी का शिकार बने सभी के सभी दूल्हों को एचआईवी (HIV) की जांच करवाने की सलाह दी है और इसी के साथ इस गैंग से लुटनेवाले लोग और उनके घरवाले फिलहाल खुद को बड़ी मुसीबत में घिरा पा रहे हैं.

पुलिस ने इस गिरोह के पास से दूल्हों से लुटे गए रुपये-पैसों और बेशकीमती ज़ेवरातों के साथ-साथ तीन-तीन चार-चार अलग-अलग नाम, पहचान और पते वाले आधार कार्ड और दूसरे दस्तावेज़ भी बरामद किए हैं, जिसकी मदद से ये गैंग लोगों से ठगी किया करता था. अब पुलिस ने अपने ही पति को भाई बना कर लोगों को ठगनेवाली इस तीन बच्चों की मां तो गिरफ्तार कर लिया है लेकिन इस गैंग का शिकार बने लोग अब अपनी किस्मत के दोहरे धोखे को रो रहे हैं.

हालांकि अब जब बात एचआईवी पॉज़िटिव की चल ही निकली है, तो आपको एचआईवी और एड्स का फ़र्क भी जान ही लेना चाहिए. दरअसल, हमारे शरीर का इम्यून सिस्टम शरीर को बीमारियों से बचाता है. एचआईवी (HIV) एक ऐसा वायरस है जो हमारे शरीर के इम्यून सिस्टम पर अटैक करता है. यदि कोई व्यक्ति एचआईवी(HIV) से संक्रमित हो जाता है तो उसका शरीर संक्रमणों और बीमारियों से नहीं लड़ पाता है और जब ये इनफेक्शन बहुत बढ़ जाता है, तो इंसान एड्स का शिकार हो जाता है.एचआईवी(HIV) एक इंसान से दूसरे इंसान को हो सकता है लेकिन एड्स नहीं हो सकता. अगर कोई एचआईवी (HIV) से संक्रमित है तो यह जरूरी नहीं कि उसे एड्स हुआ हो. हालांकि एचआईवी (HIV) संक्रमित व्यक्ति को एड्स हो सकता है.

पंजाब में रुपये पैसे लूटने के साथ-साथ लोगों को एचआईवी मुफ्त बांटनेवाली दुल्हन ने बेशक हर किसी को चौंका दिया हो, लेकिन सच्चाई यही है कि शादी के नाम पर लूटने और ठगनेवाले गिरोहों की हमारे देश में कोई कमी नहीं. दुल्हनों की तो बात छोड़िए, यहां ऐसे दूल्हे भी हैं, जो लड़की और उनके घरवालों को शादी के नाम पर लूट लेते हैं...

मध्यप्रदेश में लुटेरी दुल्हनों के 25 से ज्यादा गिरोह सक्रिय हैं. ये 100 से ज्यादा लोगों को अपना शिकार भी बना चुकी हैं. बस लोक लाज के चलते ठगे गए ज़्यादातर दुल्हे शिकायत नहीं कर पाते. लेकिन ये तो रही बात एमपी की, यूपी, राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र, गुजरात, हिमाचल, बिहार, बंगाल, झारखंड... दसियों राज्यों में ऐसे लुटेरों का गैंग एक्टिव है, जो शादी का झांसा दिला कर लूट लेते हैं. आखिर कैसे इतने बड़े पैमाने पर चल रहा है ये ठगी का कारोबार? कैसे फांसा जाता है लोगों को? आखिर क्यूं दुल्हे या उसके घरवालों को शक नहीं होता? और कौन हैं लुटेरी दुल्हनों के दलाल? इन सवालों के जवाब भी कम चौंकानेवाले नहीं हैं...

लुटेरी दुल्हनों या गिरोह दरअसल लोगों की उस मानसिकता का फायदा उठता है जिसमें शादी मे देरी होने या शादी नहीं होने को भी इज्जत से जोड़ कर देखा जाता है. सबसे पहले दलाल लोगों के संपर्क मे आते हैं..फिर WHATSUP पर लड़कियों की तस्वीरें दिखाई जाती है. लड़की को पसंद करने के बाद लड़के से एडवांस लिया जाता है. किस दुल्हे से कितने रुपए एंठना है ये उसकी उम्र से तय होता है. कई जगहों पर तो इन गिरोह के लोगों के बीच बातचीत भी कोडवर्ड में होती है.

कुछ मामलों में तो लड़की को लुटेरी दुल्हन बनाने से पहले उसे बाकयदा ट्रेनिंग की जाती है. उसके नकली मां बाप रिश्तेदार तैयार किए जाते हैं और तो और आधार कार्ड भी नकली बनया जाता है. यही वजह है कि पुलिस का ये कहना है कि शादी के मामलों में बग़ैर दोनों पक्षों को अच्छी तरह जांचे-परखे आगे नहीं बढ़ना चाहिए. कहने का मतलब ये कि लड़केवालों को भी लड़कीवालों का बैकग्राउंड चेक करना और लड़कीवालों को भी लड़के और उसके परिवार का.

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