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नए CCTV ने खोल दी उदयपुर के आरोपियों की कुंडली, NIA को टेरर लिंक का मिला नया सुराग़

Udaipur Murder: उदयपुर (Udaipur) के आरोपियों की कुंडली अब राज (Secret) खोलने लगी है। उदयपुर के दोनों आरोपियों ने अपने जिन आकाओं (Mastermind) के इशारे पर इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया उसके सुराग (Clue) अब मिलने लगे हैं। देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी को इस पूरी वारदात में पाकिस्तान का कनेक्शन का सिरा मिलता दिखाई दे रहा है।

लेकिन सबसे चौंकानें वाली बात तो ये है कि उदयपुर के हत्यारों का अब टेरर लिंक भी निकलकर सामने आता दिखाई पड़ने लगा है। उदयपुर में कन्हैया लाल टेलर के हत्यारों को अभी तक महज मज़हबी उन्मादी माना जा रहा था।वो किसी बड़ी साज़िश का हिस्सा भी हो सकता है ये बात अब तक की जांच का निचोड़ है।
उदयपुर में टेलर की हत्या के मामले की जांच में जुटी देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी NIA ने अब अपनी तफ्तीश का दायरा हिन्दुस्तान की हदों के पार पहुंचा दिया है।

आरोपियों की कुंडली में NIA को दिखने लगे सुराग़

Udaipur Murder: असल में इस हत्याकांड में शामिल आरोपी रियाज अत्तार और गौस मोहम्मद की कुंडली खंगालते खंगालते NIA के हाथ कुछ आठ दस नंबर लगे हैं जिसने इस जांच की दिशा को पाकिस्तान की तरफ मोड़ दिया है। क्योंकि जो नंबर केंद्रीय जांच एजेंसी के हाथ लगे हैं उनकी लोकेशन भारत से लेकर पाकिस्तान तक में मिल रही है।

और जांच एजेंसी के कान तब खड़े हो गए जब उन्हें इन नंबरों पर रियाज और गौस मोहम्मद के मोबाइल के निशान मिले। NIA की अब तक की जांच में जो कुछ भी सामने आया है वो अभी तो बहुत शुरुआती दौर में है, लेकिन एक रिश्ता ज़रूर जुड़ता हुआ दिखाई दे रहा है क्योंकि खुफिया तंत्र को ये खबर लग चुकी है कि रियाज और गौस की उन नंबरों पर अक्सर बात होती रहती थी जिनकी लोकेशन पाकिस्तान दिख रही है।
खुफिया विभाग के भीतरी सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि रियाज और गौस पाकिस्तान समेत विदेशी धरती से जुड़े उन नंबरों का उदयपुर में टेलर के हत्या के आरोपियों से लगातार संपर्क बना हुआ था। खुफिया विभाग के सूत्रों का ये भी दावा है कि रियाज और गौस दोनों ही पाकिस्तान जा चुके हैं और वहां जा कर दोनों ने क़रीब 45 दिन ट्रेनिंग ली।

सरहद पार जाते दिख रहे हैं वारदात के तार

Udaipur Murder: पता चला है कि साल 2014-15 में ये दोनों नेपाल के रास्ते से पाकिस्तान गए थे और वहां इन लोगों ने कई लोगों से मुलाकात भी की थी। पुलिस के रिकॉर्ड से ये बात भी सामने आ चुकी है कि दोनों को पहले भी कई बार लोगों को भड़काने के इल्ज़ाम में हिरासत में लिया जा चुका है। लिहाजा मंगलवार को जब उदयपुर में टेलर कन्हैया लाल साहू को जिस तालिबानी स्टाइल में मारा गया उससे खुफिया एजेंसियों के कान खड़े हो गए।
पुलिस को इस बात की ये जानकारी पहले से ही मिल रही थी कि रियाज और गौस दोनों ही नौजवानों को भड़काने और उनके दिलों में नफरत पैदा कर रहे थे। ये काम दोनों ने कराची से हिन्दुस्तान लौटने के बाद करना शुरू कर दिया था। ये बात गिरफ़्तार होने के बाद खुद रियाज ने कबूल की है कि वो और गौस दोनों ही पाकिस्तानी संगठन दावत ए इस्लामी से जुड़े हुए हैं।

क्योंकि इन दोनों ने एक ऑनलाइन कोर्स किया था। इसी बीच एक खबर राजसमंद पुलिस ने भी दी है। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों को गिरफ़्तार करने के बाद उनसे पूछताछ में तीन और लोगों के नाम सामने आए। जिनके बारे में खुलासा यही है कि उन लोगों ने इन आरोपियों की मदद की थी। पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में ले लिया है। जबकि इनके दूसरे सहयोगियों की तलाश जारी है।
फिलहाल तो पूछताछ का सिलसिला जारी है...और NIA फिलहाल इन दोनों के सीने में छुपे राज को बाहर लाने के साथ साथ कन्हैया लाल के घरवालों से भी कुछ सवाल जवाब कर रही है...ताकि हत्याकांड की सच्चाई को समझा जा सके।

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