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Shraddha Case : तमाम गवाहों और सबूतों के मद्देनजर अदालत इस नतीजे पर पहुंची कि श्रद्धा का कातिल... है!

Shraddha Case : तमाम गवाहों और सबूतों के मद्देनजर अदालत इस नतीजे पर पहुंची है कि... क्या वाकई श्रद्धा मर्डर केस में पुलिस के पास ऐसे गवाह और सूबत है, जो आरोपी को फांसी के फंदे तक ले जाएंगे ? इसका जवाब फिलहाल तो नहीं है। क्या आगे ऐसे सबूत इकट्ठा हो सकेंगे ? तो इसका जवाब है - पता नहीं।

दोनों के बीच रिश्ता था, ये साबित करना होगा : सुप्रीम कोर्ट के वकील कपिल सांखला के मुताबिक, ये परिस्थिति जन्य साक्ष्य केस है। ऐसे में इस केस का कोई चश्मदीद नहीं होने की वजह से हालातों के आधार पर इस केस को सिद्द करना पडे़गा। सबसे पहले ये सिद्ध करना होगा कि दोनों के बीच Relationship था और दोनों लिव इन में दिल्ली के महरौली के इसी फ्लैट में रह रहे थे, जहां घटना हुई। इसके लिए दोनों के कामन दोस्तों की गवाही अहम होगी।

हथियार की बरामदगी जरूरी : इसके बाद दोनों के बीच लड़ाई हुई, जिसका बाद आरोपी ने श्रद्धा के शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। ऐसे में अगर वो हथियार बरामद हो जाए तो ये वाकई इस केस के लिए अहम होगा।

Last Scene Evidence : वकील कपिल सांखला कहते हैं, 'ये सिद्ध करना जरूरी होगा कि हत्या के वक्त दोनों यानी आफताब और श्रद्धा साथ-साथ थे। ये हालातों से तय होगा, क्योंकि दोनों एक फ्लैट में रह रहे थे। ऐसे में मकान मालिक ने कभी उन्हें देखा हो, अगर वो इस बाबत बयान देगा तो ये केस के लिए अहम होगा।

कानून अनुमानों के आधार पर नहीं चलता : वो कहते है कि कानून अनुमानों के आधार पर नहीं चलता है, जैसे कि ये मान लीजिए कि दोनों को घटना से एक हफ्ते पहले साथ साथ देखा गया हो। उसके बाद उसे किसी ने नहीं देखा हो। तो ये मान नहीं लिया जाएगा कि दोनों घटना के वक्त साथ साथ ही होंगे। ये सिद्ध करना होगा कि मृतका उस दौरान आरोपी के साथ थी। यानी एक एक कड़ी जोड़नी होगी।

एक-एक कड़ी जोड़नी होगी : एक कड़ी ये होगी कि आरोपी ने उसकी फलां हथियार से हत्या की। इससे अगली कड़ी ये होगी कि उसने फलां हथियार से मृतक के शरीर के टुकडे़ किए। अगली कड़ी ये होगी कि शरीर के टुकडे़ करके उनसे जंगल में फेंके। ये भी कड़ी सिद्ध करनी होगी कि शरीर के कुछ टुकड़ों को फ्रिज में रखा। ये भी सिद्ध करना होगा कि कभी फ्रिज में क्या शरीर के टुकडे़ रखे गए थे। ये फोरेंसिक जांच से सिद्ध होगी। यानी हरेक कड़ी इसमें अहम होगी।

आरोपी का बर्ताव, केस का मोटिव : वरिष्ठ वकील का कहना है कि ये अहम रहेगा कि अपराध करने के बाद आरोपी का बर्ताव किस तरह का रहा। क्या उसने भागने की कोशिश की ? या फिर वो साजिशन मौके ए वारदात के आसपास रहा ? ऐसे में मर्डर का मोटिव भी सिद्ध करना होगा। आफताब ने हत्या क्यों की, ये भी सिद्ध करना होगा।

DNA : दूसरा, इस मामले में मिल रहे शरीर के टुकड़े एक अहम सबूत होगा, क्योंकि ऐसे में टुकड़ों का डीएनए करना होगा। अगर उनका डीएनए श्रद्धा के पिता के साथ मैच कर जाता है, तो ये अहम सबूत होगा।

Scientific and Forensic Evidence: वकील कपिल सांखला के मुताबिक, इस मामले में साइंटिफिक एविडेंस अहम रोल प्ले करेगा। यानी पहले ये सिद्ध करना होगा कि जो शव के टुकड़े मिले हैं, वो श्रद्धा के है। इसके लिए हड्डियों का Super impostion Test, Bone ossification, DNA, CDR, मृतका और आरोपी की मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज, फोरेंसिक एविडेंस आदि टेस्ट है, जो अहम होंगे।

दोस्तों की गवाही व तमाम सोशल मीडिया एकाउंट्स डिटेल आदि होगा अहम सबूत : जांच में ये बात सामने आई है कि आफताब श्रद्धा के साथ मारपीट करता था। इसके लिए उसके किसी कामन दोस्त की गवाही कराना जरूरी होगा, जो इस बात को सिद्ध करेगा कि दोनों के बीच रिश्ते अच्छे नहीं थे और मारपीट भी होती थी। इसके लिए आरोपी और मृतक के सोशल मीडिया एकाउंट्स, फोन रिकार्ड, मैसेज, ई-मेल, Whats app चैट, आदि इस मामले में अहम सबूत होंगे।

फ्रिज की फोरेंसिक जांच अहम सबूत : अभियुक्त ने घर के फ्रिज में शव के टुकड़े रखे थे। ऐसे में उसकी फोरेंसिक जांच अहम सबूत होगा। इससे पहले ये भी सिद्द करगा होगा कि ये फ्रिज वो फलां व्यक्ति से खरीद कर लाया था। ऐसे में दुकानदार की गवाही भी अहम होगी। इसके बाद ये सिद्ध करना होगा कि आरोपी ने शरीर के टुकड़े करके फ्रिज में रखे थे। फोरेंसिक जांच से ये साफ होगा कि फ्रिज में कभी शव के टुकड़े करके रखे गए थे या नहीं। दूसरा क्या कोई शव के टुकड़ों के अवशेष फ्रिज में है या नहीं आदि अहम सबूत होगा।

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