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Atomic Attack: 2019 सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने कर ली थी परमाणु हमले की तैयारी!

Pakistan Attack Plan: तो क्या वाकई साल 2019 के फरवरी महीने में भारत की बालाकोट (Balakote) सर्जिकल स्ट्राइक (Surgical Strike) के बाद पाकिस्तान (Pakistan) ने भारत पर हमले की योजना बना ली थी। क्या पाकिस्तान उस हमले में परमाणु बमों (Atomic Bomb) का इस्तेमाल करने वाला था? और क्या पाकिस्तान ने पूरी तरह से खुदकुशी का इरादा कर लिया था? आखिर क्यों कदम खींचने पड़ गए पाकिस्तान को अपनी इस योजन को अमल में लाने से?

ये वो सवाल हैं जो इस वक्त हिन्दुस्तान की फिज़ा में तैर रहे हैं? और इन्हीं सवालों की रूह में इस वक़्त हिन्दुस्तान में ज़्यादातर जगहों पर चर्चा भी होने लगी है? ये नए तरह की बहस और टल चुके अंदेशे के बारे में बात सुर्खियों की हद तक उस वक़्त पहुँची जब अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने एक जबरदस्त खुलासा किया।

और अमेरिकी पूर्व विदेश मंत्री के मुताबिक उन्हें नींद से झकझोरकर जगाने वालों में और कोई नहीं भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज थी। 2019 की फरवरी महीने की एक फोन कॉल ने उन्हें नींद से झकझोरकर जगा दिया था।

Attack on India: अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ के दावे पर यकीन किया जाए तो सुषमा स्वराज ने ही उन्हें इस अंदेशे की जानकारी दी थी कि पाकिस्तान परमाणु हमले की तैयारी कर रहा है। फरवरी 2019 को भारत ने बालाकोट में सर्जिकल स्ट्राइक की थी। पुलवामा हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान की हद में बैठे आतंकियों को सबक सिखाने के लिए उनके घर में घुसकर मारने की अपनी रणनीति के तहत पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के हिस्से बालाकोट में जाकर हवाई हमला किया था। और माइक पोम्पिओ के मुताबिक उसके बाद से ही पाकिस्तान भारत को जबरदस्त तरीके से चोट पहुंचाने और अपना जवाब देने के इरादे से भारत के खिलाफ बड़े हमले की तैयारी में जुट गया था।

इन जैसी तमाम सनसनीखेज़ बातों का जिक्र उस वक़्त शुरू हुआ जब मंगलवार को अमेरिकी पूर्व विदेश मंत्री माइक पॉम्पिओ की किताब बाजार में आई। नेवर गिव एन इंच: फाइटिंग फॉर द अमेरिका आई लव (Never Give An Inch : Fighting For The America I Love) में अमेरिकी खुफिया एजेंसी के पूर्व डायरेक्टर माइक पोम्पिओ ने लिखा है कि 27 और 28 फरवरी की रात वो हनोई में थे।

क्योंकि उस समय अमेरिका और उत्तर कोरिया का एक डेलिगेशन एक निगोशिएशन टॉक यानी समझौता वार्ता के लिए वियतनाम की राजधानी हनोई में ठहरा हुआ था। उसी रात भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का फोन उन्हें उस वक़्त मिला था जब वो थक कर चूर थे और गहरी नींद में सो रहे थे। सुषमा स्वराज के फोन और उनकी बातों ने उनकी नींद उड़ाकर रख दी थी।

सुषमा स्वराज ने जब उन्हें ये बताया कि पाकिस्तान किसी बड़े हमले की तैयारी में है और ये हमला परमाणु बमों का भी हो सकता है, तो अमेरिकी विदेश मंत्री और उनका प्रतिनिधि मंडल पूरी रात इसी दिशा में काम करने में जुट गया। और हमने पूरी टीम के साथ मिलकर भारत और पाकिस्तान के शीर्ष अधिकारियों और मंत्रियों से बात करके मामले को शांत करवाया।

Atomic Attack on India!: Never Give An Inch : Fighting For The America I Love किताब में पोम्पियो ने बाकायदा जिक्र किया है कि ये बात किसी से छुपी नहीं थी कि 14 फरवरी को पुलवामा में भारतीय सुरक्षा बल के 44 जवानों के शहीद होने के बाद ही भारत ने बालाकोट में चल रहे जैश ए मोहम्मद के आतंकवादी कैंप को तबाह किया था और बालाकोट पर सर्जिकल स्ट्राइक कर दी थी। इस बात से पाकिस्तान बुरी तरह से बौखला गया था।

वो दुनिया में ये साबित करने पर आमादा था कि वो किसी भी लिहाज से कमजोर नहीं है और भारत को इस बात का सबक सिखाना चाहता था कि आखिर उसकी सीमा रेखा को लांघकर भारतीय सेना ने अच्छा नहीं किया।

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के एक अधिकारी के हवाले से पोम्पिओ लिखते हैं कि पाकिस्तान भारत को गहरी चोट देने पर आमादा था, जबकि उसे इस बात का अच्छी तरह से अंदाजा था कि अगर उसने ऐसा किया तो फिर पाकिस्तान कहीं का नहीं रह जाएगा क्योंकि तब भारत की सेना पाकिस्तान की ईंट से ईंट बजा देगी और उसे पूरी तरह से तबाह और बर्बाद कर देगी।

क्योंकि तब भारत का पलड़ा बहुत भारी होगा और दुनिया के ज़्यादातर मुल्क भी भारत के ही साथ खड़े नज़र आएंगे, क्योंकि पहला हमला भारत की जमीन पर हुआ होगा। और एक बार ये सिलसिला शुरू हुआ तो फिर कभी न खत्म होने वाला बन जाएगा...और सारी दुनिया युद्ध के मुहाने पर आ खड़ी होगी।

लिहाजा पोम्पिओ ने सुषमा स्वराज से यही वायदा किया था कि कुछ वक़्त दें ताकि इस मुसीबत को न सिर्फ टाला जाए बल्कि मुमकिन तौर पर खत्म भी कर दी जाए।

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