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Cyber Crime : जीवन बीमा करने के नाम पर रिटायर बुजुर्ग के खाते से 2.67 करोड़ की रकम निकाली

Cyber Fraud: कभी लॉटरी, कभी केवाईसी (KYC) और कभी आधार अपडेट (Aadhar Update) करने जैसी बातों के बहाने मोबाइल (Mobile) के जरिए बैंक खातों (Bank Account) और तिजोरी में सेंध लगाने वाले क़िस्से अब आम दिनों की बात हो गई है। ऐसे क़िस्सों की कोई कमी नहीं है। शायद हर दूसरा आदमी ऐसे किसी न किसी साइबर क्राइम का शिकार हुआ है।

ऐसे ही उत्तर प्रदेश के गौतबुद्ध नगर जिले की पुलिस ने जीवन बीमा पॉलिसी का नवीनीकरण करने के नाम पर एक वरिष्ठ नागरिक से 2.67 करोड़ रुपये की ठगी करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है।

सबसे हैरानी और दिलचस्प बात ये है कि पुलिस को ये कामयाबी एक दो दिन या एक दो हफ्ते या एक दो महीने में नहीं बल्कि पूरे ढाई साल के बाद हाथ लगी है।

Cyber Noida Police: एडिश्नल पुलिस कमिश्नर (नोएडा) आशुतोष द्विवेदी के मुताबिक एक जानी मानी कंपनी में काम करने वाले एक बुजुर्ग ने करीब ढाई साल पहले शिकायत दर्ज करवाई थी। वो साल 2005 में रिटायर हुए थे और फिल वक़्त में दिल्ली के वसंत कुंज में रहते हैं।

Cyber Crime Police: साल 2020 में शिकायकर्ता को एक अनजान फोन कॉल आई और उन्हें बताया गया कि उनकी बीमा पॉलिसी की अवधि खत्म हो रही है, जिसका नवीनीकरण करना बेहद जरूरी है, जिसके लिए मामूली रकम का भुगतान करना होगा। मगर धोखो से बातों ही बातों में उन लोगों ने बुजुर्ग से उनके अलग अलग खातों से करीब 2.67 करोड़ रुपये निकाल लिए..।

Noida Police : पुलिस कमिश्नर के मुताबिक शिकायतकर्ता की ओर से उनकी बेटी ने नोएडा सेक्टर 20 पुलिस थाने में साइबर फ्रॉड की धाराओं में मामला दर्ज करवाया। पुलिस ने फौरन इस मामले में एक्शन लिया और नंबरों को ट्रैक करते करते आखिरकार पुलिस नोएडा में दो साइबर ठगों तक जा पहुँची। हालांकि इस काम में पुलिस को पूरे 19 महीने लग गए।

Cyber Thug: उन्होंने बताया कि जांच के बाद दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिनकी पहचान करुणेश द्विवेदी और अनिल शर्मा के तौर पर की गई है। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि शुरुआती जांच में पांच लोगों के नाम सामने आए हैं जिनको पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आरोपियों के छह खातों से लेनदेन पर रोक लगाई गई है।

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