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'अंकल दोपहर में मम्मी के पास आते थे और हम बाहर खेलते थे'हत्या के केस में बच्चों ने खोल दी नर्स की पोल

UP Ghaziabad Murder News: इश्क और जंग में सब जायज वाली कहावत पर पूरी तरह से अमल करने वालों की भी कोई कमी नहीं है। ऐसा ही एक क़िस्सा सामने आया दिल्ली से सटे और उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद (Ghaziabad) से।

यहां इश्क में टोका टाकी एक महिला (Women) को इस कदर नागवार गुजरी कि उसने छाती पर चढ़कर अपने हाथों से अपने सुहाग के सिंदूर अपने ही पति के खून (Murder) से धो डाला। और उसकी इस करतूत की गवा कोई और नहीं बल्कि खुद उसकी तीन साल की बेटी बनी जिसने बड़ी ही मासूमियत से अपनी मां की हरकत पुलिस के सामने बयां कर दी।

सच कहा जाए तो गाजियाबाद के एक मकान में एक ही छत के नीचे दो मिसाल कायम हो गई। अगर एक महिला ने इश्क के बुखार में तबते हुए अपने हाथों से अपनी मांग का सिंदूर पोंछ डाला तो एक मासूम बच्ची ने अपने ही हाथों से खुद को पूरी तरह से यतीम बना डाला।

ये हैरतअंगेज और सनसनीखेज़ किस्सा सामने आया गाजियाबाद के शास्त्री नगर से। यहां महेश राणा नाम का शख्स अपने परिवार के साथ रहता था। वो एक फैक्टरी में वेल्डिंग का काम करता था, जबकि उसकी पत्नी कविता एक अस्पताल में नर्स के तौर पर तैनात थी। और उन दोनों के दो बच्चे हैं।

लेकिन क़त्ल की वारदात के बाद कविता ने बड़ी ही चालाकी से पति की हत्या को आत्महत्या में बदलने का जबरदस्त ड्रामा किया। कविता ने ड्रामा रचा कि महेश ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। लेकिन बच्चों की गवाही ने उसकी पोल खोल दी।

गाजियाबाद पुलिस की पकड़ में आई नर्स और उसका आशिक

UP Crime : असल में पता चला है कि 29 नवंबर की रात को कविता ने ही अपने पति की तकिया मुंह में रखकर उसकी हत्या कर दी। और फिर महेश के भाइयों को फोन पर कहा कि फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

लेकिन इस बात का पता तब चला जब पुलिस महेश का शव लेकर उसी अस्पताल में पहुँची जहां कविता काम करती थी। लेकिन पुलिस को जब उसी अस्पताल से कविता के खिलाफ एक मेमो मिला तो उसका माथा ठनका। और वहीं से कविता के बारे में पुलिस की छानबीन का सिलसिला शुरू हो गया।

इसी बीच पुलिस को महेश की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट भी मिल गई जिसमें साफ हो गया था कि महेश की मौत दम घुटने से हुई न की फांसी के फंदे पर लटकने से। बस फिर क्या था पुलिस के हाथ दो दो सुराग लग गए...और उसकी तफ्तीश की दिशा बदल गई।

इसी बीच पुलिस ने जब घर की तलाशी के दौरान कविता और महेश के बच्चों से बात की और बात शीशे की तरह साफ हो गई।

बताया जा रहा है कि कविता जिस अस्पताल में काम करती थी उसी अस्पताल में मेडिकल इंश्योरेंस का काम करने वाले विनय के साथ कविता के ताल्लुकात कायम हो गए थे। और वो दोनों अक्सर फोन पर काफी देर तक बात करते रहते थे।

दोनों के बीच लंबी लम्बी चैट होती रहती थी। कविता के पति महेश को जब शक हुआ तो उसने इसका पता लगाया। उसका शक यकीन में बदल गया तो इस बात को लेकर पति पत्नी में झगड़े शुरू हो गए। महेश अक्सर अपनी पत्नी को विनय से दूर रहने को कहता और कविता हरदम अपने ही पति को विनय से पिटवाने की धमकी दिया करती थी।

Murderb & Drama: 29 नवंबर की रात को कविता ने ही सोते समय महेश के तकिये पर मुंह रखकर उसका दम घोंट दिया। इसी बीच जब बच्चे ने आकर अपनी मां से पूछा तो उसने ये कहकर बच्चों को वहां से अपने कमरे में जाकर सोने को कहा कि वो उनके पिता के मुंह से गुटखा निकाल रही है।

पुलिस को पता ये चला है कि 29 नवंबर की रात को महेश शराब पीकर नशे की हालत में घर लौटा था। उसके बाद ही कविता ने उसका खात्मा करने का इरादा किया। लेकिन इससे पहले कविता ने विनय के साथ लंबी चैट की जिसमें मारने की प्लानिंग और तरीके को लेकर दोनों ने खूब बात की। बच्चों ने पुलिस को ये भी बताया कि अक्सर विनय अंकल दोपहर में मम्मी के साथ घर आते थे और बच्चों को घर के बाहर खेलने के लिए भेज दिया जाता था।

इसी बीच महेश के एक भाई ने पुलिस को महेश की एक फोन रिकॉर्डिंग भी मुहैया करवाई जिसमें वो अपनी हत्या की आशंका जाहिर कर रहा है। उस फोन की रिकॉर्डिंग में महेश ने कविया और विनय के रिश्तों के बारे में अपने भाई को बताया।

पुलिस ने जब कविता को गिरफ्तार किया तो लगातार एक ही बात कहकर रो रही थी कि उसने हत्या नहीं की। पुलिस ने बच्चों की गवाही और अस्पताल से मिले डिटेल के बाद विनय को भी गौतमबुद्ध नगर से गिरफ्तार कर लिया है।

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