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बीवी की लाश के छह टुकड़े किए, उन्हें झोलों में भरकर फेंक दिए, हाईकोर्ट का जमानत देने से इंकार

Court News: लाश के टुकड़े करके उसे ठिकाने लगाने के मामले अचानक तेजी से सुर्खियों में छाते जा रहे हैं। दिल्ली में हुए श्रद्धा मर्डर कांड (Shraddha Murder Case) के बाद अचानक ऐसी खबरों की बाढ़ सी आ गई है। हालांकि कुछ मामले तो बरसों पुराने हैं, लेकिन अब वो धीरे धीरे सुर्खियों का हिस्सा बनते जा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया लखनऊ से।

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) की लखनऊ खंडपीठ ने पत्नी की हत्या करने के बाद उसके शव के टुकड़े करके ठिकाने लगाने के आरोपी पति की जमानत याचिका खारिज कर दी।

Murder Case: बाराबंकी के रहने वाले समीर खान पर अपनी पत्नी की हत्या करके, उसके शव को छह टुकड़ों में काटने और फिर उन्हें दो झोलों में भरकर बाराबंकी के सफेदाबाद इलाक़े में फेंकने का आरोप है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी पति के जघन्य अपराध को देखते हुए उसे जमानत पर रिहा करने का कोई आधार नहीं है।

Murder Case: यह आदेश न्यायमूर्ति डीके सिंह की एकल पीठ ने अभियुक्त समीर खान की जमानत याचिका को खारिज करते हुए पारित किया। अभियोजन के अनुसार, आरोपी मुम्बई में एक चिकन शॉप में काम करता था। वहीं उसका प्रेम संबंध एक महिला से हो गया और दोनों ने शादी भी कर ली। लेकिन शादी के कुछ समय बाद साल 2020 में वह बलरामपुर में अपने गांव चला आया।

Court News: आरोपी ने पुलिस को दिए अपने बयान में खुद बताया कि वह जब भी अपनी पत्नी को फोन करता तो उसका फोन बिजी रहता था। जिसकी वजह से उसे अपनी पत्नी के किरदार पर शक होने लगा। इसलिए उसने 25 जून, 2020 को अपनी पत्नी को लखनऊ बुलाया और इंदिरा नगर स्थित किराए के मकान में रहने लगा।

Court News: यह भी आरोप है कि पांच जुलाई, 2020 को दोनों के बीच झगड़ा हुआ और इसी वजह से समीर खान ने अपने पत्नी की हत्या कर दी और उसकी लाश को छह टुकड़ों में काटकर दो झोलों में भरा व उन्हें बाराबंकी के सफेदाबाद में फेंक दिया।

Court News: युवती का शव सात जुलाई, 2020 को बरामद हुआ था। जांच के दौरान मृतका की शिनाख्त होने के बाद समीर खान को पुलिस ने गिरफ्तार किया व उसकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल छुरी और शव फेंकने के लिए इस्तेमाल की गई कार को पुलिस ने बरामद कर लिया था।

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